गार्गी कर गई दो लोगों की जिंदगी में उजाला

नगर निगम के लोडर से हुई थी गंभीर रूप से घायल, पिता ने की बेटी की आंखें दान,

समारोह में आए लोगों के नेत्र हो उठे सजल

आंखों में सुनहरे सपने संजोए सेंट पैटिक्स की 15 वर्षीय छात्र गार्गी तो दुनिया से विदा हो गई, पीछे छोड़ गई अपनी आंखें। गार्गी के इन्हीं नेत्रों को जब दो लोगों में प्रत्यारोपित कर उनकी जिंदगी में उजाला आया तो वह नेत्र भी सजल हो उठे। 1गार्गी के पिता आनंद शर्मा ने बताया 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी बेटी परिवार की लाड़ली थी। बीते माह वह स्कूल गेट के पास ही नगर निगम के लोडर की चपेट में आकर घायल हो गई थी। गंभीर स्थिति में गार्गी को मथुरा के नयति हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। पिता ने बेटी की मृत्यु के बाद उसकी आंखें दान करने की पेशकश की। गार्गी की दान की हुई आंखों से दो लोगों की जिंदगी का सूनापन दूर हुआ है।
नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया जब आनंद शर्मा को लेकर स्टेज पर आईं तो ऑडिटोरियम में बैठे लोग खड़े हो, उनके सम्मान में तालियां बजाने लगे। यह मौका था मृत्यु उपरांत अंगदान करने की मुहिम से सभी को जोड़ने का। इसे नयति मेडिसिटी ने ऑर्गन डोनेशन इंडिया फाउंडेशन और रोटरी क्लब मुदबिदरी और रोटरी क्लब मथुरा सेंट्रल के साथ मिलकर आगे बढ़ाया है। इस अवसर पर ऑर्गन डोनेशन इंडिया के अध्यक्ष लाल गोयल, रोटरी क्लब के अध्यक्ष नीरव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
दो परिवारों की हुई दीवाली : दो जिंदगियों में उजाला करने की खबर पर गार्गी के पिता आनंद शर्मा खुश दिखे। उन्होंने कहा कि हमारी बेटी ने दो परिवारों की दीपावली को रोशनी से रोशन कर दिया, हमारे लिए इससे ज्यादा खुशी की बात ही नहीं हो सकती। अब हमारी बेटी की आंखों से वह दुनियां देखेंगी। साथ ही तीन नवंबर को गार्गी मेमोरियल ट्रस्ट सेंट पैटिक्स स्कूल के वार्षिकोत्सव पर हिंदी में सर्वाधिक अंक लाने वाली 17 बच्चियों को पुरस्कृत करेगी
source:jagran.com

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