आगरा : कोरोना को दी मात लेकिन डॉक्टरों ने ले ली जान

यहाँ लोगों को कोरोना की वजह से भूखा रहना पड़ रहा है और हमारे देश के अस्पतालों में मरीज़ों का अच्छे से खयाल रखना तो दूर उनसे लाखों रुपये लूटे जा रहे है ।
यह खबर उत्तर प्रदेश के आगरा शहर की जहाँ डॉक्टर और वहाँ के कर्मचारियों की वजह से एक व्यक्ति को कोरोना को हरा कर भी उसे जिंदगी से हाथ धोना पड़ा।
क्योंकि अस्पताल वालो ने मरीज के परिजनों को लूटने की कोशिश की ,दरअसल मरीज कोरोना से स्वस्थ हो चुका था लेकिन डॉक्टरों के द्वारा मरीज का बिल बढ़ाने के लिए उन्होंने 2 -3 दिनों तक परिजनों को कोई खबर नही दी।
और इसका खामियाजा उस मरीज और उसके परिजनो को भुगतना पड़ा डिस्चार्ज के वक्त डॉक्टरो की गलती के कारण उस मरीज को ऑक्सीजन की कमी हुई लेकिन हॉस्पिटल में ऑक्सिजन न होने के कारण मरीज ने दम तोड़ दिया और परिजन कुछ नही कर पाए।

डॉक्टर ने खुद कबूल की अपनी गलती साथ ही परिजनों को 10 लाख 51 हजार की बिल भी दे दिया ,इस घटना की स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना विस्तार में ।
16 अगस्त को सदर क्षेत्र के मधु नगर निवासी लेखपाल सुनील शर्मा अपने पिता रामभज शर्मा को कोरोना के इलाज के लिए राम रघु हॉस्पिटल में आये थे। रामभज के पोते डॉ. पुनीत पाराशर ने बताया है कि उनके स्वर्गीय दादा जी का कोरोना का इलाज हो रहा था। जब उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई तो तीन दिन तक हम सभी छुपाई रखी गई। डॉक्टर द्वारा रिपोर्ट निगेटिव बताने पर हमें अस्पताल के डॉक्टर संजीव यादव ने कोरोना खत्म होने की बात कहकर पेशेंट को दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही थी। साथ ही उन्होने कहा कि हॉस्पिटल में ऑक्सिजन सिलिंडर की कमी होने के कारण दादा जी को दम घुटने से मृत्यु हुई।

इस घटना के बाद मरीज के परिजन ने हॉस्पिटल में काफी हंगामा किया।
इस घटना के बाद मरीज के परिजनों ने कहा कि हम यहाँ के जांच अधिकारी से न्याय की गुहार लगाएंगे और कहा कि हम यह विनती करते है कि इस घटना की अच्छे से जांच हो और गुनहगार को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि इस तरह की परेशानी किसी दूसरे को ना भुगतनी पड़े

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