प्रदेश में हाथरस के खुफिया विभाग और पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गयी है।

अगरा: जब से प्रदेश में हाथरस कांड हुई तभी सरकार ने यह आदेश दे दिये है कि इस तरह की अपराध अब न हो इसके लिए सख करवाई की जा रही और इसलिए हाथरस कांड के बाद मिले खुफिया इनपुट के बाद ताजनगरी में विशेष अलर्ट है। कुछ संगठन जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। इसलिए पुलिस ने खुराफातियों पर निगरानी शुरू कर दी है। करीब 200 लोग पुलिस के रडार पर हैं। ये पुलिस की निगरानी में हैं। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि के पाए जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

हाथरस कांड के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं। इनसे मिले इनपुट के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया था। कुछ संगठन जातीय हिंसा की साजिश रच रहे हैं। लोगों की भावनाएं भड़काने को सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। आगरा में बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं। इसलिए यहां विशेष सतर्कता है। दो अप्रैल 2018 को आगरा में कलक्ट्रेट और सदर क्षेत्र में बवाल हुआ था। इसमें कई वाहन भी जला दिए गए थे। इसको देखते हुए यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

पूर्व में हुए बवालों में जिन लोगों के नाम सामने आए थे, उनकी थाना स्तर पर सूची बनाकर निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही जिले में 200 लोग ऐसे चिह्नित किए हैं, जो लोगों को भड़का सकते हैं। इन पर थाना स्तर से निगरानी की जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर नजर रखने को साइबर सेल और सर्विलांस सेल की मदद ली जा रही है। एसएसपी बबलू कुमार ने कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही अफवाह फैलाने वाले किसी संदेश या फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करें। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट या कमेंट करने पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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