आगरा : एसडीएम की सड़क छाप भाषा, पत्रकार को दी मां बहन की अश्लील गालियां- देखें वीडियो

0
1052

कोरोना वायरस से संबंधित एक प्रशासनिक लापरवाही की खबर प्रसारित करना एक पत्रकार को भारी पड़ गया.


मामला उत्तर प्रदेश के आगरा के लादूखेड़ा का है. यहां के एक दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता मनीष ने अखबार में खबर प्रकाशित की थी कि उप जिलाधिकारी ने दिल्ली से काम कर लौटने वाले कोरोना के एक संदिग्ध मरीज की बिना जांच कराए उसे घर भेज दिया है. इस वजह से गांव वालों में दहशत का माहौल है. उप जिलाधिकारी अमरीश कुमार बिंद को पत्रकार द्वारा यह खबर छापना बेहद नागवार गुजर गया और कैमरे के सामने उसके साथ अभ्रद भाषा का प्रयोग किया, गाली गलौज किया और देख लेने की धमकी दी.
क्या था पूरा मामला
लादूखेड़ा क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा में दो दिन पहले दिल्ली से मजदूरी कर अपने गांव लौटने वाले 16 वर्षीय राम रसिया की तबीयत खराब हो गई. लोगों को कोरोना का शक हुआ. इसके बाद ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान सोनू वर्मा को इससे अवगत कराया.


ग्राम प्रधान सोनू वर्मा ने इस बाबत उप जिलाधिकारी अमरीश कुमार बिंद से संपर्क किया और आग्रह किया कि राम रसिया की आगरा भेजकर कोरोना की जांच करा ली जाए, उप जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान की बात नहीं मानी. ग्राम प्रधान जब बार बार आग्रह करने लगें तो उप जिलाधिकारी ने अपना आपा खो दिया और प्रधान सोनू वर्मा के साथ भी गाली गलौज पर उतर आएं. उप जिलाधिकारी यहीं पर नहीं रुकें उन्होंने ग्राम प्रधान का काॅलर पकड़ लिया और मारने के लिए हाथ उठा लिया. इस घटना के बाद ग्राम प्रधान वहां से हट गए. इसके बाद उप जिलाधिकारी ने कोरोना संदिग्ध को उसके घर बिना जांच वापस भेज दिया. पत्रकार ने इस खबर को अखबार में प्रकाशित कर दिया.
फिर पत्रकार से गाली गलौज
इस घटना की खबर अखबार में पढ़ कर उप जिलाधिकारी काफी गुस्से में थें कि इसी बीच उनकी मुलाकात खबर छापने वाले पत्रकार से हो गई. सार्वजनिक तौर पर उप जिलाधिकारी अमरीश कुमार बिंद से पत्रकार के साथ बदसलूकी की. उसको मां बहन की गालियां दी और देख लेने की धमकी भी दी.
उप जिलाधिकारी ने जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग पत्रकार के साथ किया, वो किसी सड़क छाप गुंडे से कतई कम नहीं मानी जा सकती. इस अधिकारी के बात करने का तरीका बताता है कि ये प्रशासनिक अधिकारी के रुप में एक मवाली है. ये पत्रकार को डंडा दिखा कर 20 जूता मारने के साथ ही मां की गाली दे रहा है.
एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना के खिलाफ पूरे देश को जागरुक कर रहे हैं, उधर एक उप जिलाधिकारी कोरोना के संदिग्ध की खबर को गंभीरतापूर्वक प्रसारित करने पर पत्रकार को धमका दे रहा है. अब यह बात सोचने समझने वाली है कि क्या इस अधिकारी की भाषा एक सभ्य इंसान की है ? ये पहले ग्राम प्रधान का काॅलर पकड़ लेता है और फिर पत्रकार को मां बहन की गाली देना शुरु कर देता है.
ऐसे अधिकारी को तत्काल पदमुक्त कर इनका मेंटल चेकअप करना चाहिए. उसके बाद गाली गलौज, मारपीट और अमर्यादित व्यवहार के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here