कोरोना की स्थिति समान होने के बाद प्रवासी श्रमिक अपने कार्यस्थल पर लौट रहे है ।

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आगरा: देश मे कोरोना ने 2021 में जब से अपना कहर बरपाया था तभी सब बन्द हो चुका था और इसका असर सबसे ज्यादा रोज कमाने वाले मजदूरों पर हुआ था,इसलिए कोरोना के कारण प्रवासी अपने कार्यस्थल को छोड़ अपने घर लौट गए थे। चूँकि अब स्थिति धीरे धीरे अच्छी हो रही है । तो ये प्रवासी मजदूर भी अपने कार्यस्थल पर वापस आ रहे है। यही कारण है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। मई में जहां ट्रेनों में यात्री नहीं मिल रहे थे, वहीं अब ट्रेनों में दोबारा से वेटिंग शुरू हो गई है। एक जून से लेकर 20 जून तक लगभग 30 लाख से अधिक टिकट बिक चुके हैं।

मार्च के अंतिम सप्ताह में होली के त्योहार के बाद से ही कोरोना का संक्रमण तेज हो गया था। अप्रैल में संक्रमण बढ़ने के साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात जैसे राज्यों में लॉकडाउन और बंदिशें शुरू हो गईं। फैक्टरियां व बाजार बंद होने के कारण प्रवासी मजदूरों के साथ ही प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों का लौटना शुरू हो गया था। ढाई महीने के बाद हालात सुधरने पर कारखाने व फैक्टरियों में काम शुरू हो गया है। प्रवासियों के लौटने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। नई दिल्ली के रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अगले दस दिनों के लिए प्रवासी श्रमिकों समेत अन्य यात्रियों ने करीब 29.15 लाख टिकट बुक किए हैं। इनमें पूर्वी यूपी, बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा के स्टेशनों से दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद और चेन्नई जाने वाले यात्री शामिल हैं।

जून से टिकटों की बुकिंग में तेजी आई
28, 29, 30 मई को आगरा कैंट, राजा मंडी व आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशनों की बुकिंग विंडो से 4.39 लाख रुपये के टिकटों की बुकिंग हुई थी, जबकि जून से टिकटों की बुकिंग में तेजी आई। अब तक लगभग 30 लाख से अधिक टिकट बिक चुके है। आगरा मंडल के वाणिज्य प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रेनों के बढ़ने के साथ ही यात्रियों में भी इजाफा हुआ है। यही कारण है कि ट्रेनें लगातार बढ़ाई जा रही हैं।

ढाई माह बाद लौट रहा हूं
अहमदाबाद में स्टोन फैक्टरी में काम करता हूं। अप्रैल में गांव लौटा था। अब फैक्टरी में काम शुरू होने पर लौट रहा हूं। -कालीचरन, नगला रामबल

होली के बाद अब जा रहा हूं
सूरत में काम करता हूं। होली पर ही घर लौट आया था। इसके बाद लॉकडाउन लग गया। अब दोबारा से काम की तलाश में जा रहा हूं। सुरेश, एत्मादपुर

अब कॉल आई, लौट रहा हूं
पुणे में काम कर रहा था। मार्च में लौट आया था। अब दोबारा काम शुरू हो गया है। बुलाया गया है। ट्रेनें भी बंद चल रही थीं। अब पुणे के लिए लौट रहा हूं। विपिन कुमार, ग्वालियर

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